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John 7:31 in Punjabi

யோவான் 7:31 Punjabi Bible John John 7

John 7:31
ਪਰ ਕਈਆਂ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਉਸ ਉੱਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਆਖਿਆ, “ਅਸੀਂ ਮਸੀਹ ਦੇ ਆਉਣ ਦਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ। ਕੀ ਜਦੋਂ ਉਹ ਆਵੇਗਾ ਤਾਂ ਇਸ ਆਦਮੀ ਤੋਂ ਵੀ ਵੱਧ ਕਰਾਮਾਤਾਂ ਕਰੇਗਾ? ਇਸ ਲਈ ਇਹੀ ਮਸੀਹ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।”

1 Timothy 3 in Tamil and English

1 यह बात सत्य है, कि जो अध्यक्ष होना चाहता है, तो वह भले काम की इच्छा करता है।
This is a true saying, If a man desire the office of a bishop, he desireth a good work.

2 सो चाहिए, कि अध्यक्ष निर्दोष, और एक ही पत्नी का पति, संयमी, सुशील, सभ्य, पहुनाई करने वाला, और सिखाने में निपुण हो।
A bishop then must be blameless, the husband of one wife, vigilant, sober, of good behaviour, given to hospitality, apt to teach;

3 पियक्कड़ या मार पीट करने वाला न हो; वरन कोमल हो, और न झगड़ालू, और न लोभी हो।
Not given to wine, no striker, not greedy of filthy lucre; but patient, not a brawler, not covetous;

4 अपने घर का अच्छा प्रबन्ध करता हो, और लड़के-बालों को सारी गम्भीरता से आधीन रखता हो।
One that ruleth well his own house, having his children in subjection with all gravity;

5 जब कोई अपने घर ही का प्रबन्ध करना न जानता हो, तो परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली क्योंकर करेगा?
(For if a man know not how to rule his own house, how shall he take care of the church of God?)

6 फिर यह कि नया चेला न हो, ऐसा न हो, कि अभिमान करके शैतान का सा दण्ड पाए।
Not a novice, lest being lifted up with pride he fall into the condemnation of the devil.

7 और बाहर वालों में भी उसका सुनाम हो ऐसा न हो कि निन्दित होकर शैतान के फंदे में फंस जाए।
Moreover he must have a good report of them which are without; lest he fall into reproach and the snare of the devil.

8 वैसे ही सेवकों को भी गम्भीर होना चाहिए, दो रंगी, पियक्कड़, और नीच कमाई के लोभी न हों।
Likewise must the deacons be grave, not doubletongued, not given to much wine, not greedy of filthy lucre;

9 पर विश्वास के भेद को शुद्ध विवेक से सुरक्षित रखें।
Holding the mystery of the faith in a pure conscience.

10 और ये भी पहिले परखे जाएं, तब यदि निर्दोष निकलें, तो सेवक का काम करें।
And let these also first be proved; then let them use the office of a deacon, being found blameless.

11 इसी प्रकार से स्त्रियों को भी गम्भीर होना चाहिए; दोष लगाने वाली न हों, पर सचेत और सब बातों में विश्वास योग्य हों।
Even so must their wives be grave, not slanderers, sober, faithful in all things.

12 सेवक एक ही पत्नी के पति हों और लड़के बालों और अपने घरों का अच्छा प्रबन्ध करना जानते हों।
Let the deacons be the husbands of one wife, ruling their children and their own houses well.

13 क्योंकि जो सेवक का काम अच्छी तरह से कर सकते हैं, वे अपने लिये अच्छा पद और उस विश्वास में, जो मसीह यीशु पर है, बड़ा हियाव प्राप्त करते हैं॥
For they that have used the office of a deacon well purchase to themselves a good degree, and great boldness in the faith which is in Christ Jesus.

14 मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिये लिखता हूं।
These things write I unto thee, hoping to come unto thee shortly:

15 कि यदि मेरे आने में देर हो तो तू जान ले, कि परमेश्वर का घर, जो जीवते परमेश्वर की कलीसिया है, और जो सत्य का खंभा, और नेव है; उस में कैसा बर्ताव करना चाहिए।
But if I tarry long, that thou mayest know how thou oughtest to behave thyself in the house of God, which is the church of the living God, the pillar and ground of the truth.

16 और इस में सन्देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया॥
And without controversy great is the mystery of godliness: God was manifest in the flesh, justified in the Spirit, seen of angels, preached unto the Gentiles, believed on in the world, received up into glory.

And
πολλοὶpolloipole-LOO
many
δὲdethay
of
Ἐκekake
the
τοῦtoutoo
people
ὄχλουochlouOH-hloo
believed
ἐπίστευσανepisteusanay-PEE-stayf-sahn
on
εἰςeisees
him,
αὐτόνautonaf-TONE
and
καὶkaikay
said,
ἔλεγονelegonA-lay-gone
When
ὅτιhotiOH-tee

hooh
Christ
Χριστὸςchristoshree-STOSE
cometh,
ὅτανhotanOH-tahn
will
he
do
ἔλθῃelthēALE-thay

μήτιmētiMAY-tee
more
πλείοναpleionaPLEE-oh-na
miracles
σημεῖαsēmeiasay-MEE-ah
these
than
τούτωνtoutōnTOO-tone
which
ποιήσειpoiēseipoo-A-see
this
ὧνhōnone
man
hath
done?
οὗτοςhoutosOO-tose
ἐποίησενepoiēsenay-POO-ay-sane

1 Timothy 3 in Tamil and English

1 यह बात सत्य है, कि जो अध्यक्ष होना चाहता है, तो वह भले काम की इच्छा करता है।
This is a true saying, If a man desire the office of a bishop, he desireth a good work.

2 सो चाहिए, कि अध्यक्ष निर्दोष, और एक ही पत्नी का पति, संयमी, सुशील, सभ्य, पहुनाई करने वाला, और सिखाने में निपुण हो।
A bishop then must be blameless, the husband of one wife, vigilant, sober, of good behaviour, given to hospitality, apt to teach;

3 पियक्कड़ या मार पीट करने वाला न हो; वरन कोमल हो, और न झगड़ालू, और न लोभी हो।
Not given to wine, no striker, not greedy of filthy lucre; but patient, not a brawler, not covetous;

4 अपने घर का अच्छा प्रबन्ध करता हो, और लड़के-बालों को सारी गम्भीरता से आधीन रखता हो।
One that ruleth well his own house, having his children in subjection with all gravity;

5 जब कोई अपने घर ही का प्रबन्ध करना न जानता हो, तो परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली क्योंकर करेगा?
(For if a man know not how to rule his own house, how shall he take care of the church of God?)

6 फिर यह कि नया चेला न हो, ऐसा न हो, कि अभिमान करके शैतान का सा दण्ड पाए।
Not a novice, lest being lifted up with pride he fall into the condemnation of the devil.

7 और बाहर वालों में भी उसका सुनाम हो ऐसा न हो कि निन्दित होकर शैतान के फंदे में फंस जाए।
Moreover he must have a good report of them which are without; lest he fall into reproach and the snare of the devil.

8 वैसे ही सेवकों को भी गम्भीर होना चाहिए, दो रंगी, पियक्कड़, और नीच कमाई के लोभी न हों।
Likewise must the deacons be grave, not doubletongued, not given to much wine, not greedy of filthy lucre;

9 पर विश्वास के भेद को शुद्ध विवेक से सुरक्षित रखें।
Holding the mystery of the faith in a pure conscience.

10 और ये भी पहिले परखे जाएं, तब यदि निर्दोष निकलें, तो सेवक का काम करें।
And let these also first be proved; then let them use the office of a deacon, being found blameless.

11 इसी प्रकार से स्त्रियों को भी गम्भीर होना चाहिए; दोष लगाने वाली न हों, पर सचेत और सब बातों में विश्वास योग्य हों।
Even so must their wives be grave, not slanderers, sober, faithful in all things.

12 सेवक एक ही पत्नी के पति हों और लड़के बालों और अपने घरों का अच्छा प्रबन्ध करना जानते हों।
Let the deacons be the husbands of one wife, ruling their children and their own houses well.

13 क्योंकि जो सेवक का काम अच्छी तरह से कर सकते हैं, वे अपने लिये अच्छा पद और उस विश्वास में, जो मसीह यीशु पर है, बड़ा हियाव प्राप्त करते हैं॥
For they that have used the office of a deacon well purchase to themselves a good degree, and great boldness in the faith which is in Christ Jesus.

14 मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिये लिखता हूं।
These things write I unto thee, hoping to come unto thee shortly:

15 कि यदि मेरे आने में देर हो तो तू जान ले, कि परमेश्वर का घर, जो जीवते परमेश्वर की कलीसिया है, और जो सत्य का खंभा, और नेव है; उस में कैसा बर्ताव करना चाहिए।
But if I tarry long, that thou mayest know how thou oughtest to behave thyself in the house of God, which is the church of the living God, the pillar and ground of the truth.

16 और इस में सन्देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया॥
And without controversy great is the mystery of godliness: God was manifest in the flesh, justified in the Spirit, seen of angels, preached unto the Gentiles, believed on in the world, received up into glory.

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