Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
Luke 15:13 in Other Translations
King James Version (KJV) And not many days after the younger son gathered all together, and took his journey into a far country, and there wasted his substance with riotous living.
American Standard Version (ASV) And not many days after, the younger son gathered all together and took his journey into a far country; and there he wasted his substance with riotous living.
Bible in Basic English (BBE) And not long after, the younger son got together everything which was his and took a journey into a far-away country, and there all his money went in foolish living.
Darby English Bible (DBY) And after not many days the younger son gathering all together went away into a country a long way off, and there dissipated his property, living in debauchery.
World English Bible (WEB) Not many days after, the younger son gathered all of this together and traveled into a far country. There he wasted his property with riotous living.
Young's Literal Translation (YLT) `And not many days after, having gathered all together, the younger son went abroad to a far country, and there he scattered his substance, living riotously;
And
καὶ
kai
kay
after
μετ'
meta
may-TA
not
οὐ
ou
oo
many
πολλὰς
polys
poh-LYOOS
days
ἡμέρας
hēmera
ay-MAY-ra
gathered together,
συναγαγὼν
synagō
syoon-AH-goh
all
ἅπαντα
hapas
A-pahs
the
ὁ
ho
oh
younger
νεώτερος
neos
NAY-ose
son
υἱὸς
huios
yoo-OSE
and took his journey
ἀπεδήμησεν
apodēmeō
ah-poh-thay-MAY-oh
into
εἰς
eis
ees
country,
χώραν
chōra
HOH-ra
a far
μακράν
makros
ma-KROSE
and
καὶ
kai
kay
there
ἐκεῖ
ekei
ake-EE
wasted
διεσκόρπισεν
diaskorpizō
thee-ah-skore-PEE-zoh
τὴν
ho
oh
substance
οὐσίαν
ousia
oo-SEE-ah
his
αὐτοῦ
autos
af-TOSE
living.
ζῶν
zaō
ZA-oh
with riotous
ἀσώτως
asōtōs
ah-SOH-tose
Read Full Chapter :
Luke 15
Cross Reference
लूका 16:1
फिर उस ने चेलों से भी कहा; किसी धनवान का एक भण्डारी था, और लोगों ने उसके साम्हने उस पर यह दोष लगाया कि यह तेरी सब संपत्ति उड़ाए देता है।
लूका 16:19
एक धनवान मनुष्य था जो बैंजनी कपड़े और मलमल पहिनता और प्रति दिन सुख-विलास और धूम-धाम के साथ रहता था।
नीतिवचन 27:8
स्थान छोड़ कर घूमने वाला मनुष्य उस चिडिय़ा के समान है, जो घोंसला छोड़ कर उड़ती फिरती है।
यिर्मयाह 2:17
क्या यह तेरी ही करनी का फल नहीं, जो तू ने अपने परमेश्वर यहोवा को छोड़ दिया जो तुझे मार्ग में लिए चला?
यिर्मयाह 2:31
हे लोगो, यहोवा के वचन पर ध्यान दो! क्या मैं इस्राएल के लिये जंगल वा घोर अन्धकार का देश बना? तब मेरी प्रजा क्यों कहती है कि हम तो आजाद हो गए हैं सो तेरे पास फिर न आएंगे?
आमोस 6:3
तुम बुरे दिन को दूर कर देते, और उपद्रव की गद्दी को निकट ले आते हो॥
मीका 6:3
हे मेरी प्रजा, मैं ने तेरा क्या किया, और क्या कर के मैं ने तुझे उकता दिया है?
लूका 15:30
परन्तु जब तेरा यह पुत्र, जिस ने तेरी संपत्ति वेश्याओं में उड़ा दी है, आया, तो उसके लिये तू ने पला हुआ बछड़ा कटवाया।
2 इतिहास 33:1
जब मनश्शे राज्य करने लगा तब वह बारह वर्ष का था, और यरूशलेम में पचपन वर्ष तक राज्य करता रहा।
अय्यूब 21:13
वे अपने दिन सुख से बिताते, और पल भर ही में अधोलोक में उतर जाते हैं।
अय्यूब 22:17
उन्होंने ईश्वर से कहा था, हम से दूर हो जा; और यह कि सर्वशक्तिमान हमारा क्या कर सकता है?
भजन संहिता 10:4
दुष्ट अपने अभिमान के कारण कहता है कि वह लेखा नहीं लेने का; उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्वर है ही नहीं॥
भजन संहिता 73:27
जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो कोई तेरे विरुद्ध व्यभिचार करता है, उसको तू विनाश करता है।
नीतिवचन 5:8
ऐसी स्त्री से दूर ही रह, और उसकी डेवढ़ी के पास भी न जाना;
नीतिवचन 6:26
क्योंकि वेश्यागमन के कारण मनुष्य टुकड़ोंका भिखारी हो जाता है, परन्तु व्यभिचारिणी अनमोल जीवन का अहेर कर लेती है।
नीतिवचन 18:9
जो काम में आलस करता है, वह बिगाड़ने वाले का भाई ठहरता है।
नीतिवचन 21:17
जो रागरंग से प्रीति रखता है, वह कंगाल होता है; और जो दाखमधु पीने और तेल लगाने से प्रीति रखता है, वह धनी नहीं होता।
नीतिवचन 21:20
बुद्धिमान के घर में उत्तम धन और तेल पाए जाते हैं, परन्तु मूर्ख उन को उड़ा डालता है।
नीतिवचन 23:19
हे मेरे पुत्र, तू सुन कर बुद्धिमान हो, और अपना मन सुमार्ग में सीधा चला।
नीतिवचन 28:7
जो व्यवस्था का पालन करता वह समझदार सुपूत होता है, परन्तु उड़ाऊ का संगी अपने पिता का मुंह काला करता है।
नीतिवचन 29:3
जो पुरूष बुद्धि से प्रीति रखता है, अपने पिता को आनन्दित करता है, परन्तु वेश्याओं की संगति करने वाला धन को उड़ा देता है।
सभोपदेशक 11:9
हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों के मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आंखों की दृष्टि के अनुसार चल। परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय में परमेश्वर तेरा न्याय करेगा॥
यशायाह 1:4
हाय, यह जाति पाप से कैसी भरी है! यह समाज अधर्म से कैसा लदा हुआ है! इस वंश के लोग कैसे कुकर्मी हैं, ये लड़के-बाले कैसे बिगड़े हुए हैं! उन्होंने यहोवा को छोड़ दिया, उन्होंने इस्राएल के पवित्र को तुच्छ जाना है! वे पराए बनकर दूर हो गए हैं॥
यशायाह 22:13
परन्तु क्या देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय-बैल का घात और भेड़-बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है। और कहते हैं, आओ खाएं-पीएं, क्योंकि कल तो हमें मरना है।
यशायाह 30:11
मार्ग से मुड़ो, पथ से हटो, और इस्राएल के पवित्र को हमारे साम्हने से दूर करो।
यशायाह 56:12
वे कहते हैं कि आओ, हम दाखमधु ले आएं, आओ मदिरा पीकर छक जाएं; कल का दिन भी तो आज ही के समान अत्यन्त सुहावना होगा॥
यिर्मयाह 2:5
यहोवा यों कहता है, तुम्हारे पुरखाओं ने मुझ में कौन ऐसी कुटिलता पाई कि मुझ से दूर हट गए और निकम्मी वस्तुओं के पीछे हो कर स्वयं निकम्मे हो गए?
यिर्मयाह 2:13
क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयां की हैं: उन्होंने मुझ बहते जल के सोते को त्याग दिया है, और, उन्होंने हौद बना लिए, वरन ऐसे हौद जो टूट गए हैं, और जिन में जल नहीं रह सकता।
1 पतरस 4:3
क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूर्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले समय गंवाया, वही बहुत हुआ।
2 पतरस 2:13
औरों का बुरा करने के बदले उन्हीं का बुरा होगा: उन्हें दिन दोपहर सुख-विलास करना भला लगता है; यह कलंक और दोष है- जब वे तुम्हारे साथ खाते पीते हैं, तो अपनी ओर से प्रेम भोज करके भोग-विलास करते हैं।
इफिसियों 2:17
और उस ने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया।
इफिसियों 2:13
पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो।
रोमियो 13:13
जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में।