1 Timothy 1:4 in Hindi

Hindi Hindi Bible 1 Timothy 1 Timothy 1 1 Timothy 1:4

1 Timothy 1:4
और उन ऐसी कहानियों और अनन्त वंशावलियों पर मन न लगाएं, जिन से विवाद होते हैं; और परमेश्वर के उस प्रबन्ध के अनुसार नहीं, जो विश्वास से सम्बन्ध रखता है; वैसे ही फिर भी कहता हूं।

1 Timothy 1:31 Timothy 11 Timothy 1:5

1 Timothy 1:4 in Other Translations

King James Version (KJV)
Neither give heed to fables and endless genealogies, which minister questions, rather than godly edifying which is in faith: so do.

American Standard Version (ASV)
neither to give heed to fables and endless genealogies, which minister questionings, rather than a dispensation of God which is in faith; `so do I now'.

Bible in Basic English (BBE)
Or to give attention to stories and long lists of generations, from which come questionings and doubts, in place of God's ordered way of life which is in faith;

Darby English Bible (DBY)
nor to turn their minds to fables and interminable genealogies, which bring questionings rather than [further] God's dispensation, which [is] in faith.

World English Bible (WEB)
neither to pay attention to myths and endless genealogies, which cause disputes, rather than God's stewardship, which is in faith--

Young's Literal Translation (YLT)
nor to give heed to fables and endless genealogies, that cause questions rather than the building up of God that is in faith: --

do.
μηδὲmēdemay-THAY
so
Neither
to
προσέχεινprosecheinprose-A-heen
give
μύθοιςmythoisMYOO-thoos
heed
καὶkaikay
fables
γενεαλογίαιςgenealogiaisgay-nay-ah-loh-GEE-ase
and
ἀπεράντοιςaperantoisah-pay-RAHN-toos
genealogies,
αἵτινεςhaitinesAY-tee-nase
endless
ζητήσειςzētēseiszay-TAY-sees
which
παρέχουσινparechousinpa-RAY-hoo-seen
questions,
μᾶλλονmallonMAHL-lone
minister
ēay
rather
οἰκονομίανoikonomianoo-koh-noh-MEE-an
than
θεοῦtheouthay-OO
edifying
godly
τὴνtēntane
which
ἐνenane
is
πίστειpisteiPEE-stee

Cross Reference

तीतुस 3:9
पर मूर्खता के विवादों, और वंशावलियों, और बैर विरोध, और उन झगड़ों से, जो व्यवस्था के विषय में हों बचा रह; क्योंकि वे निष्फल और व्यर्थ हैं।

1 तीमुथियुस 4:7
पर अशुद्ध और बूढिय़ों की सी कहानियों से अलग रह; और भक्ति के लिये अपना साधन कर।

तीतुस 1:14
और वे यहूदियों की कथा कहानियों और उन मनुष्यों की आज्ञाओं पर मन न लगाएं, जो सत्य से भटक जाते हैं।

2 पतरस 1:16
क्योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था वरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था।

2 तीमुथियुस 4:4
और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएंगे।

2 तीमुथियुस 2:14
इन बातों की सुधि उन्हें दिला, और प्रभु के साम्हने चिता दे, कि शब्दों पर तर्क-वितर्क न किया करें, जिन से कुछ लाभ नहीं होता; वरन सुनने वाले बिगड़ जाते हैं।

2 तीमुथियुस 2:16
पर अशुद्ध बकवाद से बचा रह; क्योंकि ऐसे लोग और भी अभक्ति में बढ़ते जाएंगे।

1 तीमुथियुस 6:20
हे तीमुथियुस इस थाती की रखवाली कर और जिस ज्ञान को ज्ञान कहना ही भूल है, उसके अशुद्ध बकवाद और विरोध की बातों से परे रह।

1 तीमुथियुस 6:11
पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।

1 तीमुथियुस 6:3
यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देता है; और खरी बातों को, अर्थात हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है।

इब्रानियों 13:9
नाना प्रकार के और ऊपक्की उपदेशों से न भरमाए जाओ, क्योंकि मन का अनुग्रह से दृढ़ रहना भला है, न कि उन खाने की वस्तुओं से जिन से काम रखने वालों को कुछ लाभ न हुआ।

2 तीमुथियुस 2:22
जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर।

1 तीमुथियुस 3:16
और इस में सन्देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया॥

तीतुस 1:1
पौलुस की ओर से जो परमेश्वर का दास और यीशु मसीह का प्रेरित है, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के विश्वास, और उस सत्य की पहिचान के अनुसार जो भक्ति के अनुसार है।

इफिसियों 4:12
जिस से पवित्र लोग सिद्ध हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए।

2 कुरिन्थियों 7:9
अब मैं आनन्दित हूं पर इसलिये नहीं कि तुम को शोक पहुंचा वरन इसलिये कि तुम ने उस शोक के कारण मन फिराया, क्योंकि तुम्हारा शोक परमेश्वर की इच्छा के अनुसार था, कि हमारी ओर से तुम्हें किसी बात में हानि न पहुंचे।

2 कुरिन्थियों 1:12
क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्र परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्रता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।