यशायाह 59
1 सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके;
2 परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ने तुम को तुम्हारे परमेश्वर से अलग कर दिया है, और तुम्हारे पापों के कारण उस का मुँह तुम से ऐसा छिपा है कि वह नहीं सुनता।
3 क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्र हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
4 कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुकद्दमा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं।
5 वे सांपिन के अण्डे सेते और मकड़ी के जाले बनाते हैं; जो कोई उनके अण्डे खाता वह मर जाता है, और जब कोई एक को फोड़ता तब उस में से सपोला निकलता है।
6 उनके जाले कपड़े का काम न देंगे, न वे अपने कामों से अपने को ढाप सकेंगे। क्योंकि उनके काम अनर्थ ही के होते हैं, और उनके हाथों से अपद्रव का काम होता है।
7 वे बुराई करने को दौड़ते हैं, और निर्दोष की हत्या करने को तत्पर रहते हैं; उनकी युक्तियां व्यर्थ हैं, उजाड़ और विनाश ही उनके मार्गों में हैं।
8 शान्ति का मार्ग वे जानते ही नहीं और न उनके व्यवहार में न्याय है; उनके पथ टेढ़े हैं, जो कोई उन पर चले वह शान्ति न पाएगा॥
9 इस कारण न्याय हम से दूर है, और धर्म हमारे समीप ही नहीं आता हम उजियाले की बाट तो जोहते हैं, परन्तु, देखो अन्धियारा ही बना रहता है, हम प्रकाश की आशा तो लगाए हैं, परन्तु, घोर अन्धकार ही में चलते हैं।
10 हम अन्धों के समान भीत टटोलते हैं, हां, हम बिना आंख के लोगों की नाईं टटोलते हैं; हम दिन-दोपहर रात की नाईं ठोकर खाते हैं, हृष्ट-पुष्टों के बीच हम मुर्दों के समान हैं।
11 हम सब के सब रीछों की नाईं चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है।
12 क्योंकि हमारे अपराध तेरे साम्हने बहुत हुए हैं, हमारे पाप हमारे विरुद्ध साक्षी दे रहे हैं; हमारे अपराध हमारे संग हैं और हम अपने अधर्म के काम जानते हैं:
13 हम ने यहोवा का अपराध किया है, हम उस से मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अन्धेर करने लगे और उलट फेर की बातें कहीं, हम ने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं।
14 न्याय तो पीछे हटाया गया और धर्म दूर खड़ा रह गया; सच्चाई बाजार में गिर पड़ी और सिधाई प्रवेश नहीं करने पाती।
15 हां, सच्चाई खोई, और जो बुराई से भागता है सो शिकार हो जाता है॥ यह देखकर यहोवा ने बुरा माना, क्योंकि न्याय जाता रहा,
16 उसने देखा कि कोई भी पुरूष नहीं, और इस से अचम्भा किया कि कोई बिनती करने वाला नहीं; तब उसने अपने ही भुजबल से उद्धार किया, और अपने धर्मी होने के कारण वह सम्भल गया।
17 उसने धर्म को झिलम की नाईं पहिन लिया, और उसके सिर पर उद्धार का टोप रखा गया; उसने पलटा लेने का वस्त्र धारण किया, और जलजलाहट को बागे की नाईं पहिन लिया है।
18 उनके कर्मों के अनुसार वह उन को फल देगा, अपने द्रोहियों पर वह अपना क्रोध भड़काएगा और अपने शत्रुओं को उनकी कमाई देगा; वह द्वीप वासियों को भी उनकी कमाई भर देगा।
19 तब पश्चिम की ओर लोग यहोवा के नाम का, और पूर्व की ओर उसकी महिमा का भय मानेंगे; क्योंकि जब शत्रु महानद की नाईं चढ़ाई करेंगे तब यहोवा का आत्मा उसके विरुद्ध झण्डा खड़ा करेगा॥
20 और याकूब में जो अपराध से मन फिराते हैं उनके लिये सिय्योन में एक छुड़ाने वाला आएगा, यहोवा की यही वाणी है।
21 और यहोवा यह कहता है, जो वाचा मैं ने उन से बान्धी है वह यह है, कि मेरा आत्मा तुझ पर ठहरा है, और अपने वचन जो मैं ने तेरे मुंह में डाले हैं अब से ले कर सर्वदा तक वे मेरे मुंह से, और, तेरे पुत्रों और पोतों के मुंह से भी कभी न हटेंगे॥
1 Behold, the Lord’s hand is not shortened, that it cannot save; neither his ear heavy, that it cannot hear:
2 But your iniquities have separated between you and your God, and your sins have hid his face from you, that he will not hear.
3 For your hands are defiled with blood, and your fingers with iniquity; your lips have spoken lies, your tongue hath muttered perverseness.
4 None calleth for justice, nor any pleadeth for truth: they trust in vanity, and speak lies; they conceive mischief, and bring forth iniquity.
5 They hatch cockatrice’ eggs, and weave the spider’s web: he that eateth of their eggs dieth, and that which is crushed breaketh out into a viper.
6 Their webs shall not become garments, neither shall they cover themselves with their works: their works are works of iniquity, and the act of violence is in their hands.
7 Their feet run to evil, and they make haste to shed innocent blood: their thoughts are thoughts of iniquity; wasting and destruction are in their paths.
8 The way of peace they know not; and there is no judgment in their goings: they have made them crooked paths: whosoever goeth therein shall not know peace.
9 Therefore is judgment far from us, neither doth justice overtake us: we wait for light, but behold obscurity; for brightness, but we walk in darkness.
10 We grope for the wall like the blind, and we grope as if we had no eyes: we stumble at noonday as in the night; we are in desolate places as dead men.
11 We roar all like bears, and mourn sore like doves: we look for judgment, but there is none; for salvation, but it is far off from us.
12 For our transgressions are multiplied before thee, and our sins testify against us: for our transgressions are with us; and as for our iniquities, we know them;
13 In transgressing and lying against the Lord, and departing away from our God, speaking oppression and revolt, conceiving and uttering from the heart words of falsehood.
14 And judgment is turned away backward, and justice standeth afar off: for truth is fallen in the street, and equity cannot enter.
15 Yea, truth faileth; and he that departeth from evil maketh himself a prey: and the Lord saw it, and it displeased him that there was no judgment.
16 And he saw that there was no man, and wondered that there was no intercessor: therefore his arm brought salvation unto him; and his righteousness, it sustained him.
17 For he put on righteousness as a breastplate, and an helmet of salvation upon his head; and he put on the garments of vengeance for clothing, and was clad with zeal as a cloke.
18 According to their deeds, accordingly he will repay, fury to his adversaries, recompence to his enemies; to the islands he will repay recompence.
19 So shall they fear the name of the Lord from the west, and his glory from the rising of the sun. When the enemy shall come in like a flood, the Spirit of the Lord shall lift up a standard against him.
20 And the Redeemer shall come to Zion, and unto them that turn from transgression in Jacob, saith the Lord.
21 As for me, this is my covenant with them, saith the Lord; My spirit that is upon thee, and my words which I have put in thy mouth, shall not depart out of thy mouth, nor out of the mouth of thy seed, nor out of the mouth of thy seed’s seed, saith the Lord, from henceforth and for ever.
Ezekiel 28 in Tamil and English
1 ਸੂਰ ਸੋਚਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਵਰਗਾ ਹੈ ਯਹੋਵਾਹ ਦਾ ਸ਼ਬਦ ਮੈਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਖਿਆ,
The word of the Lord came again unto me, saying,
2 “ਆਦਮੀ ਦੇ ਪੁੱਤਰ, ਸੂਰ ਦੇ ਹਾਕਮ ਨੂੰ ਆਖ, ‘ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: “‘ਬਹੁਤ ਗੁਮਾਨੀ ਹੈਂ ਤੂੰ! ਅਤੇ ਤੂੰ ਆਖਦਾ ਹੈਂ, “ਮੈਂ ਹਾਂ ਇੱਕ ਦੇਵਤਾ! ਬੈਠਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੇ ਆਸਨ ਉੱਤੇ ਸਮੁੰਦਰਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚਕਾਰ।” “‘ਪਰ ਆਦਮੀ ਹੈ ਤੂੰ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਨਹੀਂ! ਤੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਸੋਚਦਾ ਹੈਂ ਕਿ ਤੂੰ ਦੇਵਤਾ ਹੈਂ।”
Son of man, say unto the prince of Tyrus, Thus saith the Lord God; Because thine heart is lifted up, and thou hast said, I am a God, I sit in the seat of God, in the midst of the seas; yet thou art a man, and not God, though thou set thine heart as the heart of God:
3 ਤੂੰ ਸੋਚਦਾ ਹੈਂ ਕਿ ਤੂੰ ਸਿਆਣਾ ਹੈ ਦਾਨੀਏਲ ਨਾਲੋਂ! ਸੋਚਦਾ ਹੈਂ ਤੂੰ ਕਿ ਭੇਤ ਲੱਭ ਲਵੇਂਗਾ ਤੂੰ ਸਾਰੇ।
Behold, thou art wiser than Daniel; there is no secret that they can hide from thee:
4 ਆਪਣੀ ਸਿਆਣਪ ਅਤੇ ਸਮਝ ਰਾਹੀਂ ਤੂੰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀਆਂ ਨੇ ਤੂੰ ਦੌਲਤਾਂ ਆਪਣੇ ਲਈ। ਅਤੇ ਪਾਏ ਨੇ ਤੂੰ ਸੋਨਾ ਚਾਂਦੀ ਆਪਣੇ ਖਜ਼ਾਨਿਆਂ ਵਿੱਚ।
With thy wisdom and with thine understanding thou hast gotten thee riches, and hast gotten gold and silver into thy treasures:
5 ਆਪਣੀ ਮਹਾਨ ਸਿਆਣਪ ਅਤੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਨਾਲ ਤੂੰ ਵੱਧਾ ਲਈ ਹੈ ਦੌਲਤ ਆਪਣੀ। ਅਤੇ ਹੁਣ ਤੂੰ ਗੁਮਾਨੀ ਹੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੌਲਤਾਂ ਕਾਰਣ।
By thy great wisdom and by thy traffick hast thou increased thy riches, and thine heart is lifted up because of thy riches:
6 “‘ਇਸ ਲਈ ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: ਸੂਰ, ਸੋਚਿਆ ਸੀ ਤੂੰ ਕਿ ਤੂੰ ਹੈਂ ਇੱਕ ਦੇਵਤੇ ਵਰਗਾ।
Therefore thus saith the Lord God; Because thou hast set thine heart as the heart of God;
7 ਮੈਂ ਅਜਨਬੀਆਂ ਨੂੰ ਤੇਰੇ ਵਿਰੁੱਧ ਲੜਨ ਲਈ ਲਿਆਵਾਂਗਾ। ਉਹ ਕੌਮਾਂ ਅੱਤ ਭਿਆਨਕ ਨੇ! ਉਹ ਆਪਣੀਆਂ ਤਲਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਧੂ ਲੈਣਗੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖੂਬਸੂਰਤ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਵਰਤਣਗੇ ਜਿਹੜੀਆਂ ਤੇਰੀ ਸਿਆਣਪ ਨੇਹਾਸਿਲ ਕੀਤੀਆਂ। ਉਹ ਤੇਰੀ ਸ਼ਾਨ ਨੂੰ ਬਰਬਾਦ ਕਰ ਦੇਣਗੇ ।
Behold, therefore I will bring strangers upon thee, the terrible of the nations: and they shall draw their swords against the beauty of thy wisdom, and they shall defile thy brightness.
8 ਉਹ ਤੈਨੂੰ ਹੇਠਾਂ ਕਬਰ ਅੰਦਰਲੈ ਜਾਣਗੀਆਂ। ਤੂੰ ਉਸ ਜਹਾਜ਼ੀ ਵਰਗਾ ਹੋਵੇਂਗਾ ਜੋ ਸਮੁੰਦਰ ਵਿੱਚ ਡੁੱਬ ਮੋਇਆ ਸੀ।
They shall bring thee down to the pit, and thou shalt die the deaths of them that are slain in the midst of the seas.
9 ਮਾਰ ਦੇਵੇਗਾ ਉਹ ਬੰਦਾ ਤੈਨੂੰ। ਕੀ ਤੂੰ ਤਾਂ ਵੀ ਆਖੇਂਗਾ, “ਮੈਂ ਹਾਂ ਦੇਵਤਾ!” ਨਹੀਂ! ਵਸ ਵਿੱਚ ਕਰ ਲਵੇਗਾ ਉਹ ਤੈਨੂੰ ਆਪਣੀ ਤਾਕਤ ਦੇ। ਦੇਖ ਲਵੇਂਗਾ ਤੂੰ ਕਿ ਤੂੰ ਹੈਂ ਇੱਕ ਆਦਮੀ, ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਨਹੀਂ!
Wilt thou yet say before him that slayeth thee, I am God? but thou shalt be a man, and no God, in the hand of him that slayeth thee.
10 ਤੂੰ ਇੱਕ ਅਸੁੰਨਤੀਏ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਵਾਂਗ ਮਰ ਜਾਵੇਂਗਾ। ਅਜਨਬੀ ਤੈਨੂੰ ਮਾਰ ਦੇਣਗੇ। ਵਾਪਰਨਗੀਆਂ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਕਿਉਂ ਕਿ ਆਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਮੈਂ!’” ਮੇਰੇ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਨੇ ਆਖੀਆਂ ਇਹ ਗੱਲਾਂ।
Thou shalt die the deaths of the uncircumcised by the hand of strangers: for I have spoken it, saith the Lord God.
11 ਯਹੋਵਾਹ ਦਾ ਸ਼ਬਦ ਮੈਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਖਿਆ,
Moreover the word of the Lord came unto me, saying,
12 “ਆਦਮੀ ਦੇ ਪੁੱਤਰ, ਸੂਰ ਦੇ ਰਾਜੇ ਲਈ ਇਹ ਉਦਾਸ ਗੀਤ ਗਾ। ਉਸ ਨੂੰ ਆਖ, ‘ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: “‘ਤੂੰ ਸੀ ਇੱਕ ਪ੍ਰਾਰਥਨਾ ਬੰਦਾ। ਭਰਪੂਰ ਸੀ ਤੂੰ ਸਿਆਣਪ ਨਾਲ। ਪੂਰਨ ਤੌਰ ਤੇ ਖੂਬਸੂਰਤ ਸੀ ਤੂੰ।
Son of man, take up a lamentation upon the king of Tyrus, and say unto him, Thus saith the Lord God; Thou sealest up the sum, full of wisdom, and perfect in beauty.
13 ਤੂੰ ਸੀ ਅਦਨ ਵਿੱਚ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਦੇ ਬਾਗ਼ ਅੰਦਰ। ਤੇਰੇ ਕੋਲ ਸੀ ਹਰ ਬਹੁਮੁੱਲਾ ਪੱਬ-ਲਾਲ ਅਕੀਕ-ਸ਼ੁਨਹਿਲਾ, ਦੁਧਿਯਾ, ਬਿਲੌਰ, ਓਨੇਸ ਅਤੇ ਬੈਰੂਜ, ਸ਼ਲੇਮਾਨੀ, ਨੀਲਮ ਅਤੇ ਜਬਰਜਦ। ਅਤੇ ਹਰ ਇੱਕ ਪੱਥਰ ਸੀ ਸੋਨੇ ਵਿੱਚ ਲਾਇਆ ਹੋਇਆ। ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਸੁੰਦਰਤਾ ਤੈਨੂੰ। ਉਸ ਦਿਨ ਜਦੋਂ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਸਾਜਿਆ ਗਿਆ। ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਬਣਾਇਆ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਤਾਕਤਵਰ।
Thou hast been in Eden the garden of God; every precious stone was thy covering, the sardius, topaz, and the diamond, the beryl, the onyx, and the jasper, the sapphire, the emerald, and the carbuncle, and gold: the workmanship of thy tabrets and of thy pipes was prepared in thee in the day that thou wast created.
14 ਤੂੰ ਸੀ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਕਰੂਬੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਪਂਖ ਤੇਰੇ, ਫ਼ੈਲੇ ਹੋਏ ਸਨ ਮੇਰੇ ਤਖਤ ਉੱਤੇ ਅਤੇ ਰੱਖਿਆ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਮੈਂ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਦੇ ਪਵਿੱਤਰ ਪਰਬਤ ਉੱਤੇ। ਤੁਰਦਾ ਸੀ ਤੂੰ ਹੀਰਿਆਂ ਵਿੱਚਕਾਰ ਚਮਕਦੇ ਸਨ ਜਿਹੜੇ ਅਗਨੀ ਵਾਂਗ।
Thou art the anointed cherub that covereth; and I have set thee so: thou wast upon the holy mountain of God; thou hast walked up and down in the midst of the stones of fire.
15 ਈਮਾਨਦਾਰ ਅਤੇ ਨੇਕ ਸੀ ਤੂੰ ਜਦੋਂ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਸਾਜਿਆ ਸੀ। ਪਰ ਫ਼ੇਰ ਤੂੰ ਬਣ ਗਿਆ ਬਦ।
Thou wast perfect in thy ways from the day that thou wast created, till iniquity was found in thee.
16 ਵਪਾਰ ਤੇਰੇ ਨੇ ਲਿਆਂਦੀਆਂ ਬਹੁਤ ਦੌਲਤਾਂ ਤੇਰੇ ਲਈ। ਪਰ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਜ਼ੁਲਮ ਵੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੇਰੇ ਅੰਦਰ। ਅਤੇ ਪਾਪ ਕੀਤਾ ਤੂੰ। ਇਸ ਲਈ ਵਰਤਾਉ ਕੀਤਾ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਜਿਵੇਂ ਤੂੰ ਹੋਵੇਂ ਕੋਈ ਅਪਵਿੱਤਰ ਚੀਜ਼। ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਦੇ ਪਰਬਤ ਤੋਂ ਬਾਹਰ। ਤੂੰ ਖਾਸ ਕਰੂਬੀ ਫ਼ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸੀ-ਪੰਖ ਤੇਰੇ ਫ਼ੈਲੇ ਹੋਏ ਸਨ ਮੇਰੇ ਤਖਤ ਉੱਤੇ! ਪਰ ਮਜ਼ਬੂਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਤੈਨੂੰ ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹੀਰਿਆਂ ਨੂੰ ਛੱਡ ਦੇਣ ਲਈ ਚਮਕਦੇ ਸਨ ਜੋ ਅਗਨੀ ਵਾਂਗ।
By the multitude of thy merchandise they have filled the midst of thee with violence, and thou hast sinned: therefore I will cast thee as profane out of the mountain of God: and I will destroy thee, O covering cherub, from the midst of the stones of fire.
17 ਗੁਮਾਨੀ ਬਣਾਇਆ ਤੈਨੂੰ ਤੇਰੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ ਨੇ। ਤੇਰੀ ਸ਼ਾਨ ਨੇ ਬਰਬਾਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਤੇਰੀ ਸਿਆਣਪ ਨੂੰ। ਇਸ ਲਈ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਤੈਨੂੰ ਮੈਂ ਹੇਠਾਂ ਧਰਤ ਉੱਤੇ। ਅਤੇ ਹੁਣ ਹੋਰ ਰਾਜੇ ਤਕਦੇ ਨੇ ਤੇਰੇ ਵੱਲ।
Thine heart was lifted up because of thy beauty, thou hast corrupted thy wisdom by reason of thy brightness: I will cast thee to the ground, I will lay thee before kings, that they may behold thee.
18 ਕੀਤੀਆਂ ਤੂੰ ਬਹੁਤ ਖਰਾਬ ਗੱਲਾਂ। ਤੂੰ ਸੀ ਬਹੁਤ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ ਵਪਾਰੀ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੂੰ ਪਵਿੱਤਰ ਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਕਲੰਕਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਲਈ ਅੱਗ ਲਿਆਂਦੀ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਅੰਦਰੋਂ। ਇਸਨੇ ਸਾੜ ਦਿੱਤਾ ਤੈਨੂੰ! ਸੜਕੇ ਸੁਆਹ ਹੋ ਗਿਆ ਤੂੰ ਧਰਤ ਉੱਤੇ। ਦੇਖ ਸੱਕਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਹਰ ਕੋਈ ਤੇਰੀ ਸ਼ਰਮਿੰਦਗੀ ਨੂੰ।
Thou hast defiled thy sanctuaries by the multitude of thine iniquities, by the iniquity of thy traffick; therefore will I bring forth a fire from the midst of thee, it shall devour thee, and I will bring thee to ashes upon the earth in the sight of all them that behold thee.
19 “‘ਹੋਰਨਾਂ ਕੌਮਾਂ ਦੇ ਸਾਰੇ ਲੋਕ ਭੈਭੀਤ ਹੋ ਗਏ ਸਨ ਦੇਖਕੇ ਵਾਪਰਿਆ ਸੀ ਜੋ ਤੇਰੇ ਨਾਲ। ਜੋ ਕੁਝ ਸੀ ਵਾਪਰਿਆ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਭੈਭੀਤ ਕਰੇਗਾ ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ। ਖਤਮ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈਂ ਤੂੰ!’”
All they that know thee among the people shall be astonished at thee: thou shalt be a terror, and never shalt thou be any more.
20 ਸੈਦਾ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਸੰਦੇਸ਼ ਯਹੋਵਾਹ ਦਾ ਸ਼ਬਦ ਮੈਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਖਿਆ,
Again the word of the Lord came unto me, saying,
21 “ਆਦਮੀ ਦੇ ਪੁੱਤਰ, ਸੈਦਾ ਵੱਲ ਦੇਖ ਅਤੇ ਉਸ ਥਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਮੇਰੇ ਲਈ ਬੋਲ।
Son of man, set thy face against Zidon, and prophesy against it,
22 ਆਖ, ‘ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: “‘ਮੈਂ ਹਾਂ ਤੇਰੇ ਵਿਰੁੱਧ, ਸੈਦਾ! ਤੇਰੇ ਲੋਕ ਸਿੱਖ ਲੈਣਗੇ ਮੇਰਾ ਆਦਰ ਕਰਨਾ! ਸਜ਼ਾ ਦੇਵਾਂਗਾ ਮੈਂ ਸੈਦਾ ਨੂੰ। ਫ਼ੇਰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਿ ਮੈਂ ਹਾਂ ਯਹੋਵਾਹ। ਫ਼ੇਰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਿ ਮੈਂ ਪਵਿੱਤਰ ਹਾਂ, ਅਤੇ ਵਿਹਾਰ ਕਰਨਗੇ ਉਹ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਓਹੋ ਜਿਹਾ।
And say, Thus saith the Lord God; Behold, I am against thee, O Zidon; and I will be glorified in the midst of thee: and they shall know that I am the Lord, when I shall have executed judgments in her, and shall be sanctified in her.
23 ਭੇਜਾਂਗਾ ਮੈਂ ਬੀਮਾਰੀ ਅਤੇ ਮੌਤ ਸੈਦਾ ਵੱਲ ਅਤੇ ਬਹੁਤ ਲੋਕ ਸ਼ਹਿਰ ਅੰਦਰ ਮਰ ਜਾਣਗੇ। ਤਲਵਾਰ (ਦੁਸ਼ਮਣ ਸਿਪਾਹੀ) ਸ਼ਹਿਰੋ ਅੰਦਰ ਮਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਬਹੁਤ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ। ਫ਼ੇਰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਿ ਮੈਂ ਹਾਂ ਯਹੋਵਾਹ।’”
For I will send into her pestilence, and blood into her streets; and the wounded shall be judged in the midst of her by the sword upon her on every side; and they shall know that I am the Lord.
24 ਕੌਮਾਂ ਇਸਰਾਏਲ ਉੱਤੇ ਹੱਸਣੋ ਹਟ ਜਾਣਗੀਆਂ “‘ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਦੇ ਦੇਸ ਉਸ ਨੂੰ ਨਫ਼ਰਤ ਕਰਦੇ ਸਨ। ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇਸਾਂ ਨਾਲ ਮਾੜੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਵਾਪਰਨਗੀਆਂ। ਫ਼ੇਰ ਓੱਥੇ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਦੁੱਖ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਨਸ਼ਤਰ ਜਾਂ ਕੰਡਿਆਲੀਆਂ ਝਾੜੀਆਂ ਨਹੀਂ ਹੋਣਗੀਆਂ। ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ ਕਿ ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਹਾਂ।’”
And there shall be no more a pricking brier unto the house of Israel, nor any grieving thorn of all that are round about them, that despised them; and they shall know that I am the Lord God.
25 ਮੇਰੇ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਨੇ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖੀਆਂ, “ਮੈਂ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰਨਾਂ ਕੌਮਾਂ ਦਰਮਿਆਨ ਖਿੰਡਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ। ਪਰ ਮੈਂ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਫ਼ੇਰ ਇਕੱਠਿਆਂ ਕਰਾਂਗਾ। ਫ਼ੇਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੌਮਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਕਿ ਮੈਂ ਪਵਿੱਤਰ ਹਾਂ ਅਤੇ ਉਹ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਓਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਵਿਹਾਰ ਕਰਨਗੀਆਂ। ਓਸ ਸਮੇਂ, ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਲੋਕ ਆਪਣੀ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਰਹਿਣਗੇ ਮੈਂ ਉਹ ਧਰਤੀ ਆਪਣੇ ਸੇਵਕ ਯਾਕੂਬ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਸੀ।
Thus saith the Lord God; When I shall have gathered the house of Israel from the people among whom they are scattered, and shall be sanctified in them in the sight of the heathen, then shall they dwell in their land that I have given to my servant Jacob.
26 ਉਹ ਉਸ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰਹਿਣਗੇ। ਉਹ ਮਕਾਨ ਉਸਾਰਨਗੇ ਅਤੇ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੇ ਬਗੀਚੇ ਲਾਉਣਗੇ। ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਦੀਆਂ ਕੌਮਾਂ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਦਿਆਂਗਾ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਨਫ਼ਰਤ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਫ਼ੇਰ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਲੋਕ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰਹਿਣਗੇ। ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ ਕਿ ਮੈਂ ਯਹੋਵਾਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ, ਹਾਂ।”
And they shall dwell safely therein, and shall build houses, and plant vineyards; yea, they shall dwell with confidence, when I have executed judgments upon all those that despise them round about them; and they shall know that I am the Lord their God.