यशायाह 57
1 धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आने वाली आपत्ति से बच जाए,
2 वह शान्ति को पहुंचता है; जो सीधी चाल चलता है वह अपनी खाट पर विश्राम करता है॥
3 परन्तु तुम, हे जादूगरनी के पुत्रों, हे व्यभिचारी और व्यभिचारिणी की सन्तान, यहां निकट आओ।
4 तुम किस पर हंसी करते हो? तुम किस पर मुंह खोल कर जीभ निकालते हो? क्या तुम पाखण्डी और झूठे के वंश नहीं हो,
5 तुम, जो सब हरे वृक्षों के तले देवताओं के कारण कामातुर होते और नालों में और चट्टानों की दरारों के बीच बाल-बच्चों को वध करते हो?
6 नालों के चिकने पत्थर ही तेरा भाग और अंश ठहरे; तू ने उनके लिये तपावन दिया और अन्नबलि चढ़ाया है। क्या मैं इन बातों से शान्त हो जाऊं?
7 एक बड़े ऊंचे पहाड़ पर तू ने अपना बिछौना बिछाया है, वहीं तू बलि चढ़ाने को चढ़ गई।
8 तू ने अपनी चिन्हानी अपने द्वार के किवाड़ और चौखट की आड़ ही में रखी; मुझे छोड़ कर तू औरों को अपने तईं दिखाने के लिये चली, तू ने अपनी खाट चौड़ी की और उन से वाचा बान्ध ली, तू ने उनकी खाट को जहां देखा, पसन्द किया।
9 तू तेल लिए हुए राजा के पास गई और बहुत सुगन्धित तेल अपने काम में लाई; अपने दूत तू ने दूर तक भेजे और अधोलोक तक अपने को नीचा किया।
10 तू अपनी यात्रा की लम्बाई के कारण थक गई, तौभी तू ने न कहा कि यह व्यर्थ है; तेरा बल कुछ अधिक हो गया, इसी कारण तू नहीं थकी॥
11 तू ने किस के डर से झूठ कहा, और किसका भय मानकर ऐसा किया कि मुझ को स्मरण नहीं रखा न मुझ पर ध्यान दिया? क्या मैं बहुत काल से चुप नहीं रहा? इस कारण तू मेरा भय नहीं मानती।
12 मैं आप तेरे धर्म और कर्मों का वर्णन करूंगा, परन्तु, उन से तुझे कुछ लाभ न होगा।
13 जब तू दोहाई दे, तब जिन मूर्तियों को तू ने जमा किया है वह ही तुझे छुड़ाएं! वे तो सब की सब वायु से वरन एक ही फूंक से उड़ जाएंगी। परन्तु जो मेरी शरण लेगा वह देश का अधिकारी होगा, और मेरे पवित्र पर्वत को भी अधिकारी होगा॥
14 और यह कहा जाएगा, पांति बान्ध बान्धकर राजमार्ग बनाओ, मेरी प्रजा के मार्ग में से हर एक ठोकर दूर करो।
15 क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्र स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हषिर्त करूं।
16 मैं सदा मुकद्दमा न लड़ता रहूंगा, न सर्वदा क्रोधित रहूंगा; क्योंकि आत्मा मेरे बनाए हुए हैं और जीव मेरे साम्हने मूच्छिर्त हो जाते हैं।
17 उसके लोभ के पाप के कारण मैं ने क्रोधित हो कर उसको दु:ख दिया था, और क्रोध के मारे उस से मुंह छिपाया था; परन्तु वह अपने मनमाने मार्ग में दूर भटकता चला गया था।
18 मैं उसकी चाल देखता आया हूं, तौभी अब उसको चंगा करूंगा; मैं उसे ले चलूंगा और विशेष कर के उसके शोक करने वालों को शान्ति दूंगा।
19 मैं मुंह के फल का सृजनहार हूं; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूंगा।
20 परन्तु दुष्ट तो लहराते समुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है।
21 दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है॥
1 The righteous perisheth, and no man layeth it to heart: and merciful men are taken away, none considering that the righteous is taken away from the evil to come.
2 He shall enter into peace: they shall rest in their beds, each one walking in his uprightness.
3 But draw near hither, ye sons of the sorceress, the seed of the adulterer and the whore.
4 Against whom do ye sport yourselves? against whom make ye a wide mouth, and draw out the tongue? are ye not children of transgression, a seed of falsehood,
5 Enflaming yourselves with idols under every green tree, slaying the children in the valleys under the clifts of the rocks?
6 Among the smooth stones of the stream is thy portion; they, they are thy lot: even to them hast thou poured a drink offering, thou hast offered a meat offering. Should I receive comfort in these?
7 Upon a lofty and high mountain hast thou set thy bed: even thither wentest thou up to offer sacrifice.
8 Behind the doors also and the posts hast thou set up thy remembrance: for thou hast discovered thyself to another than me, and art gone up; thou hast enlarged thy bed, and made thee a covenant with them; thou lovedst their bed where thou sawest it.
9 And thou wentest to the king with ointment, and didst increase thy perfumes, and didst send thy messengers far off, and didst debase thyself even unto hell.
10 Thou art wearied in the greatness of thy way; yet saidst thou not, There is no hope: thou hast found the life of thine hand; therefore thou wast not grieved.
11 And of whom hast thou been afraid or feared, that thou hast lied, and hast not remembered me, nor laid it to thy heart? have not I held my peace even of old, and thou fearest me not?
12 I will declare thy righteousness, and thy works; for they shall not profit thee.
13 When thou criest, let thy companies deliver thee; but the wind shall carry them all away; vanity shall take them: but he that putteth his trust in me shall possess the land, and shall inherit my holy mountain;
14 And shall say, Cast ye up, cast ye up, prepare the way, take up the stumblingblock out of the way of my people.
15 For thus saith the high and lofty One that inhabiteth eternity, whose name is Holy; I dwell in the high and holy place, with him also that is of a contrite and humble spirit, to revive the spirit of the humble, and to revive the heart of the contrite ones.
16 For I will not contend for ever, neither will I be always wroth: for the spirit should fail before me, and the souls which I have made.
17 For the iniquity of his covetousness was I wroth, and smote him: I hid me, and was wroth, and he went on frowardly in the way of his heart.
18 I have seen his ways, and will heal him: I will lead him also, and restore comforts unto him and to his mourners.
19 I create the fruit of the lips; Peace, peace to him that is far off, and to him that is near, saith the Lord; and I will heal him.
20 But the wicked are like the troubled sea, when it cannot rest, whose waters cast up mire and dirt.
21 There is no peace, saith my God, to the wicked.
Ezekiel 28 in Tamil and English
1 ਸੂਰ ਸੋਚਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਵਰਗਾ ਹੈ ਯਹੋਵਾਹ ਦਾ ਸ਼ਬਦ ਮੈਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਖਿਆ,
The word of the Lord came again unto me, saying,
2 “ਆਦਮੀ ਦੇ ਪੁੱਤਰ, ਸੂਰ ਦੇ ਹਾਕਮ ਨੂੰ ਆਖ, ‘ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: “‘ਬਹੁਤ ਗੁਮਾਨੀ ਹੈਂ ਤੂੰ! ਅਤੇ ਤੂੰ ਆਖਦਾ ਹੈਂ, “ਮੈਂ ਹਾਂ ਇੱਕ ਦੇਵਤਾ! ਬੈਠਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੇ ਆਸਨ ਉੱਤੇ ਸਮੁੰਦਰਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚਕਾਰ।” “‘ਪਰ ਆਦਮੀ ਹੈ ਤੂੰ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਨਹੀਂ! ਤੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਸੋਚਦਾ ਹੈਂ ਕਿ ਤੂੰ ਦੇਵਤਾ ਹੈਂ।”
Son of man, say unto the prince of Tyrus, Thus saith the Lord God; Because thine heart is lifted up, and thou hast said, I am a God, I sit in the seat of God, in the midst of the seas; yet thou art a man, and not God, though thou set thine heart as the heart of God:
3 ਤੂੰ ਸੋਚਦਾ ਹੈਂ ਕਿ ਤੂੰ ਸਿਆਣਾ ਹੈ ਦਾਨੀਏਲ ਨਾਲੋਂ! ਸੋਚਦਾ ਹੈਂ ਤੂੰ ਕਿ ਭੇਤ ਲੱਭ ਲਵੇਂਗਾ ਤੂੰ ਸਾਰੇ।
Behold, thou art wiser than Daniel; there is no secret that they can hide from thee:
4 ਆਪਣੀ ਸਿਆਣਪ ਅਤੇ ਸਮਝ ਰਾਹੀਂ ਤੂੰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀਆਂ ਨੇ ਤੂੰ ਦੌਲਤਾਂ ਆਪਣੇ ਲਈ। ਅਤੇ ਪਾਏ ਨੇ ਤੂੰ ਸੋਨਾ ਚਾਂਦੀ ਆਪਣੇ ਖਜ਼ਾਨਿਆਂ ਵਿੱਚ।
With thy wisdom and with thine understanding thou hast gotten thee riches, and hast gotten gold and silver into thy treasures:
5 ਆਪਣੀ ਮਹਾਨ ਸਿਆਣਪ ਅਤੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਨਾਲ ਤੂੰ ਵੱਧਾ ਲਈ ਹੈ ਦੌਲਤ ਆਪਣੀ। ਅਤੇ ਹੁਣ ਤੂੰ ਗੁਮਾਨੀ ਹੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੌਲਤਾਂ ਕਾਰਣ।
By thy great wisdom and by thy traffick hast thou increased thy riches, and thine heart is lifted up because of thy riches:
6 “‘ਇਸ ਲਈ ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: ਸੂਰ, ਸੋਚਿਆ ਸੀ ਤੂੰ ਕਿ ਤੂੰ ਹੈਂ ਇੱਕ ਦੇਵਤੇ ਵਰਗਾ।
Therefore thus saith the Lord God; Because thou hast set thine heart as the heart of God;
7 ਮੈਂ ਅਜਨਬੀਆਂ ਨੂੰ ਤੇਰੇ ਵਿਰੁੱਧ ਲੜਨ ਲਈ ਲਿਆਵਾਂਗਾ। ਉਹ ਕੌਮਾਂ ਅੱਤ ਭਿਆਨਕ ਨੇ! ਉਹ ਆਪਣੀਆਂ ਤਲਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਧੂ ਲੈਣਗੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖੂਬਸੂਰਤ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਵਰਤਣਗੇ ਜਿਹੜੀਆਂ ਤੇਰੀ ਸਿਆਣਪ ਨੇਹਾਸਿਲ ਕੀਤੀਆਂ। ਉਹ ਤੇਰੀ ਸ਼ਾਨ ਨੂੰ ਬਰਬਾਦ ਕਰ ਦੇਣਗੇ ।
Behold, therefore I will bring strangers upon thee, the terrible of the nations: and they shall draw their swords against the beauty of thy wisdom, and they shall defile thy brightness.
8 ਉਹ ਤੈਨੂੰ ਹੇਠਾਂ ਕਬਰ ਅੰਦਰਲੈ ਜਾਣਗੀਆਂ। ਤੂੰ ਉਸ ਜਹਾਜ਼ੀ ਵਰਗਾ ਹੋਵੇਂਗਾ ਜੋ ਸਮੁੰਦਰ ਵਿੱਚ ਡੁੱਬ ਮੋਇਆ ਸੀ।
They shall bring thee down to the pit, and thou shalt die the deaths of them that are slain in the midst of the seas.
9 ਮਾਰ ਦੇਵੇਗਾ ਉਹ ਬੰਦਾ ਤੈਨੂੰ। ਕੀ ਤੂੰ ਤਾਂ ਵੀ ਆਖੇਂਗਾ, “ਮੈਂ ਹਾਂ ਦੇਵਤਾ!” ਨਹੀਂ! ਵਸ ਵਿੱਚ ਕਰ ਲਵੇਗਾ ਉਹ ਤੈਨੂੰ ਆਪਣੀ ਤਾਕਤ ਦੇ। ਦੇਖ ਲਵੇਂਗਾ ਤੂੰ ਕਿ ਤੂੰ ਹੈਂ ਇੱਕ ਆਦਮੀ, ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਨਹੀਂ!
Wilt thou yet say before him that slayeth thee, I am God? but thou shalt be a man, and no God, in the hand of him that slayeth thee.
10 ਤੂੰ ਇੱਕ ਅਸੁੰਨਤੀਏ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਵਾਂਗ ਮਰ ਜਾਵੇਂਗਾ। ਅਜਨਬੀ ਤੈਨੂੰ ਮਾਰ ਦੇਣਗੇ। ਵਾਪਰਨਗੀਆਂ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਕਿਉਂ ਕਿ ਆਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਮੈਂ!’” ਮੇਰੇ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਨੇ ਆਖੀਆਂ ਇਹ ਗੱਲਾਂ।
Thou shalt die the deaths of the uncircumcised by the hand of strangers: for I have spoken it, saith the Lord God.
11 ਯਹੋਵਾਹ ਦਾ ਸ਼ਬਦ ਮੈਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਖਿਆ,
Moreover the word of the Lord came unto me, saying,
12 “ਆਦਮੀ ਦੇ ਪੁੱਤਰ, ਸੂਰ ਦੇ ਰਾਜੇ ਲਈ ਇਹ ਉਦਾਸ ਗੀਤ ਗਾ। ਉਸ ਨੂੰ ਆਖ, ‘ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: “‘ਤੂੰ ਸੀ ਇੱਕ ਪ੍ਰਾਰਥਨਾ ਬੰਦਾ। ਭਰਪੂਰ ਸੀ ਤੂੰ ਸਿਆਣਪ ਨਾਲ। ਪੂਰਨ ਤੌਰ ਤੇ ਖੂਬਸੂਰਤ ਸੀ ਤੂੰ।
Son of man, take up a lamentation upon the king of Tyrus, and say unto him, Thus saith the Lord God; Thou sealest up the sum, full of wisdom, and perfect in beauty.
13 ਤੂੰ ਸੀ ਅਦਨ ਵਿੱਚ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਦੇ ਬਾਗ਼ ਅੰਦਰ। ਤੇਰੇ ਕੋਲ ਸੀ ਹਰ ਬਹੁਮੁੱਲਾ ਪੱਬ-ਲਾਲ ਅਕੀਕ-ਸ਼ੁਨਹਿਲਾ, ਦੁਧਿਯਾ, ਬਿਲੌਰ, ਓਨੇਸ ਅਤੇ ਬੈਰੂਜ, ਸ਼ਲੇਮਾਨੀ, ਨੀਲਮ ਅਤੇ ਜਬਰਜਦ। ਅਤੇ ਹਰ ਇੱਕ ਪੱਥਰ ਸੀ ਸੋਨੇ ਵਿੱਚ ਲਾਇਆ ਹੋਇਆ। ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਸੁੰਦਰਤਾ ਤੈਨੂੰ। ਉਸ ਦਿਨ ਜਦੋਂ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਸਾਜਿਆ ਗਿਆ। ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਬਣਾਇਆ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਤਾਕਤਵਰ।
Thou hast been in Eden the garden of God; every precious stone was thy covering, the sardius, topaz, and the diamond, the beryl, the onyx, and the jasper, the sapphire, the emerald, and the carbuncle, and gold: the workmanship of thy tabrets and of thy pipes was prepared in thee in the day that thou wast created.
14 ਤੂੰ ਸੀ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਕਰੂਬੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਪਂਖ ਤੇਰੇ, ਫ਼ੈਲੇ ਹੋਏ ਸਨ ਮੇਰੇ ਤਖਤ ਉੱਤੇ ਅਤੇ ਰੱਖਿਆ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਮੈਂ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਦੇ ਪਵਿੱਤਰ ਪਰਬਤ ਉੱਤੇ। ਤੁਰਦਾ ਸੀ ਤੂੰ ਹੀਰਿਆਂ ਵਿੱਚਕਾਰ ਚਮਕਦੇ ਸਨ ਜਿਹੜੇ ਅਗਨੀ ਵਾਂਗ।
Thou art the anointed cherub that covereth; and I have set thee so: thou wast upon the holy mountain of God; thou hast walked up and down in the midst of the stones of fire.
15 ਈਮਾਨਦਾਰ ਅਤੇ ਨੇਕ ਸੀ ਤੂੰ ਜਦੋਂ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਸਾਜਿਆ ਸੀ। ਪਰ ਫ਼ੇਰ ਤੂੰ ਬਣ ਗਿਆ ਬਦ।
Thou wast perfect in thy ways from the day that thou wast created, till iniquity was found in thee.
16 ਵਪਾਰ ਤੇਰੇ ਨੇ ਲਿਆਂਦੀਆਂ ਬਹੁਤ ਦੌਲਤਾਂ ਤੇਰੇ ਲਈ। ਪਰ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਜ਼ੁਲਮ ਵੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੇਰੇ ਅੰਦਰ। ਅਤੇ ਪਾਪ ਕੀਤਾ ਤੂੰ। ਇਸ ਲਈ ਵਰਤਾਉ ਕੀਤਾ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਜਿਵੇਂ ਤੂੰ ਹੋਵੇਂ ਕੋਈ ਅਪਵਿੱਤਰ ਚੀਜ਼। ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਦੇ ਪਰਬਤ ਤੋਂ ਬਾਹਰ। ਤੂੰ ਖਾਸ ਕਰੂਬੀ ਫ਼ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸੀ-ਪੰਖ ਤੇਰੇ ਫ਼ੈਲੇ ਹੋਏ ਸਨ ਮੇਰੇ ਤਖਤ ਉੱਤੇ! ਪਰ ਮਜ਼ਬੂਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਤੈਨੂੰ ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹੀਰਿਆਂ ਨੂੰ ਛੱਡ ਦੇਣ ਲਈ ਚਮਕਦੇ ਸਨ ਜੋ ਅਗਨੀ ਵਾਂਗ।
By the multitude of thy merchandise they have filled the midst of thee with violence, and thou hast sinned: therefore I will cast thee as profane out of the mountain of God: and I will destroy thee, O covering cherub, from the midst of the stones of fire.
17 ਗੁਮਾਨੀ ਬਣਾਇਆ ਤੈਨੂੰ ਤੇਰੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ ਨੇ। ਤੇਰੀ ਸ਼ਾਨ ਨੇ ਬਰਬਾਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਤੇਰੀ ਸਿਆਣਪ ਨੂੰ। ਇਸ ਲਈ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਤੈਨੂੰ ਮੈਂ ਹੇਠਾਂ ਧਰਤ ਉੱਤੇ। ਅਤੇ ਹੁਣ ਹੋਰ ਰਾਜੇ ਤਕਦੇ ਨੇ ਤੇਰੇ ਵੱਲ।
Thine heart was lifted up because of thy beauty, thou hast corrupted thy wisdom by reason of thy brightness: I will cast thee to the ground, I will lay thee before kings, that they may behold thee.
18 ਕੀਤੀਆਂ ਤੂੰ ਬਹੁਤ ਖਰਾਬ ਗੱਲਾਂ। ਤੂੰ ਸੀ ਬਹੁਤ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ ਵਪਾਰੀ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੂੰ ਪਵਿੱਤਰ ਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਕਲੰਕਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਲਈ ਅੱਗ ਲਿਆਂਦੀ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਅੰਦਰੋਂ। ਇਸਨੇ ਸਾੜ ਦਿੱਤਾ ਤੈਨੂੰ! ਸੜਕੇ ਸੁਆਹ ਹੋ ਗਿਆ ਤੂੰ ਧਰਤ ਉੱਤੇ। ਦੇਖ ਸੱਕਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਹਰ ਕੋਈ ਤੇਰੀ ਸ਼ਰਮਿੰਦਗੀ ਨੂੰ।
Thou hast defiled thy sanctuaries by the multitude of thine iniquities, by the iniquity of thy traffick; therefore will I bring forth a fire from the midst of thee, it shall devour thee, and I will bring thee to ashes upon the earth in the sight of all them that behold thee.
19 “‘ਹੋਰਨਾਂ ਕੌਮਾਂ ਦੇ ਸਾਰੇ ਲੋਕ ਭੈਭੀਤ ਹੋ ਗਏ ਸਨ ਦੇਖਕੇ ਵਾਪਰਿਆ ਸੀ ਜੋ ਤੇਰੇ ਨਾਲ। ਜੋ ਕੁਝ ਸੀ ਵਾਪਰਿਆ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਭੈਭੀਤ ਕਰੇਗਾ ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ। ਖਤਮ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈਂ ਤੂੰ!’”
All they that know thee among the people shall be astonished at thee: thou shalt be a terror, and never shalt thou be any more.
20 ਸੈਦਾ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਸੰਦੇਸ਼ ਯਹੋਵਾਹ ਦਾ ਸ਼ਬਦ ਮੈਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਖਿਆ,
Again the word of the Lord came unto me, saying,
21 “ਆਦਮੀ ਦੇ ਪੁੱਤਰ, ਸੈਦਾ ਵੱਲ ਦੇਖ ਅਤੇ ਉਸ ਥਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਮੇਰੇ ਲਈ ਬੋਲ।
Son of man, set thy face against Zidon, and prophesy against it,
22 ਆਖ, ‘ਮੇਰਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖਦਾ ਹੈ: “‘ਮੈਂ ਹਾਂ ਤੇਰੇ ਵਿਰੁੱਧ, ਸੈਦਾ! ਤੇਰੇ ਲੋਕ ਸਿੱਖ ਲੈਣਗੇ ਮੇਰਾ ਆਦਰ ਕਰਨਾ! ਸਜ਼ਾ ਦੇਵਾਂਗਾ ਮੈਂ ਸੈਦਾ ਨੂੰ। ਫ਼ੇਰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਿ ਮੈਂ ਹਾਂ ਯਹੋਵਾਹ। ਫ਼ੇਰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਿ ਮੈਂ ਪਵਿੱਤਰ ਹਾਂ, ਅਤੇ ਵਿਹਾਰ ਕਰਨਗੇ ਉਹ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਓਹੋ ਜਿਹਾ।
And say, Thus saith the Lord God; Behold, I am against thee, O Zidon; and I will be glorified in the midst of thee: and they shall know that I am the Lord, when I shall have executed judgments in her, and shall be sanctified in her.
23 ਭੇਜਾਂਗਾ ਮੈਂ ਬੀਮਾਰੀ ਅਤੇ ਮੌਤ ਸੈਦਾ ਵੱਲ ਅਤੇ ਬਹੁਤ ਲੋਕ ਸ਼ਹਿਰ ਅੰਦਰ ਮਰ ਜਾਣਗੇ। ਤਲਵਾਰ (ਦੁਸ਼ਮਣ ਸਿਪਾਹੀ) ਸ਼ਹਿਰੋ ਅੰਦਰ ਮਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਬਹੁਤ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ। ਫ਼ੇਰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਿ ਮੈਂ ਹਾਂ ਯਹੋਵਾਹ।’”
For I will send into her pestilence, and blood into her streets; and the wounded shall be judged in the midst of her by the sword upon her on every side; and they shall know that I am the Lord.
24 ਕੌਮਾਂ ਇਸਰਾਏਲ ਉੱਤੇ ਹੱਸਣੋ ਹਟ ਜਾਣਗੀਆਂ “‘ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਦੇ ਦੇਸ ਉਸ ਨੂੰ ਨਫ਼ਰਤ ਕਰਦੇ ਸਨ। ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇਸਾਂ ਨਾਲ ਮਾੜੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਵਾਪਰਨਗੀਆਂ। ਫ਼ੇਰ ਓੱਥੇ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਦੁੱਖ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਨਸ਼ਤਰ ਜਾਂ ਕੰਡਿਆਲੀਆਂ ਝਾੜੀਆਂ ਨਹੀਂ ਹੋਣਗੀਆਂ। ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ ਕਿ ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਹਾਂ।’”
And there shall be no more a pricking brier unto the house of Israel, nor any grieving thorn of all that are round about them, that despised them; and they shall know that I am the Lord God.
25 ਮੇਰੇ ਪ੍ਰਭੂ ਯਹੋਵਾਹ ਨੇ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਆਖੀਆਂ, “ਮੈਂ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰਨਾਂ ਕੌਮਾਂ ਦਰਮਿਆਨ ਖਿੰਡਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ। ਪਰ ਮੈਂ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਫ਼ੇਰ ਇਕੱਠਿਆਂ ਕਰਾਂਗਾ। ਫ਼ੇਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੌਮਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਕਿ ਮੈਂ ਪਵਿੱਤਰ ਹਾਂ ਅਤੇ ਉਹ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਓਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਵਿਹਾਰ ਕਰਨਗੀਆਂ। ਓਸ ਸਮੇਂ, ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਲੋਕ ਆਪਣੀ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਰਹਿਣਗੇ ਮੈਂ ਉਹ ਧਰਤੀ ਆਪਣੇ ਸੇਵਕ ਯਾਕੂਬ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਸੀ।
Thus saith the Lord God; When I shall have gathered the house of Israel from the people among whom they are scattered, and shall be sanctified in them in the sight of the heathen, then shall they dwell in their land that I have given to my servant Jacob.
26 ਉਹ ਉਸ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰਹਿਣਗੇ। ਉਹ ਮਕਾਨ ਉਸਾਰਨਗੇ ਅਤੇ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੇ ਬਗੀਚੇ ਲਾਉਣਗੇ। ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਦੀਆਂ ਕੌਮਾਂ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਦਿਆਂਗਾ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਨਫ਼ਰਤ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਫ਼ੇਰ ਇਸਰਾਏਲ ਦੇ ਲੋਕ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰਹਿਣਗੇ। ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ ਕਿ ਮੈਂ ਯਹੋਵਾਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ, ਹਾਂ।”
And they shall dwell safely therein, and shall build houses, and plant vineyards; yea, they shall dwell with confidence, when I have executed judgments upon all those that despise them round about them; and they shall know that I am the Lord their God.