Haggai 1:6 in Hindi

Hindi Hindi Bible Haggai Haggai 1 Haggai 1:6

Haggai 1:6
तुम ने बहुत बोया परन्तु थोड़ा काटा; तुम खाते हो, परन्तु पेट नहीं भरता; तुम पीते हो, परन्तु प्यास नहीं बुझती; तुम कपड़े पहिनते हो, परन्तु गरमाते नहीं; और जो मजदूरी कमाता है, वह अपनी मजदूरी की कमाई को छेदवाली थैली में रखता है॥

Haggai 1:5Haggai 1Haggai 1:7

Haggai 1:6 in Other Translations

King James Version (KJV)
Ye have sown much, and bring in little; ye eat, but ye have not enough; ye drink, but ye are not filled with drink; ye clothe you, but there is none warm; and he that earneth wages earneth wages to put it into a bag with holes.

American Standard Version (ASV)
Ye have sown much, and bring in little; ye eat, but ye have not enough; ye drink, but ye are not filled with drink; ye clothe you, but there is none warm; and he that earneth wages earneth wages `to put it' into a bag with holes.

Bible in Basic English (BBE)
Much has been planted, but little got in; you take food, but have not enough; you take drink, but are not full; you are clothed, but no one is warm; and he who gets payment for his work, gets it to put it into a bag full of holes.

Darby English Bible (DBY)
Ye have sown much, and bring in little; ye eat, but are not satisfied; ye drink, but are not filled with drink; ye clothe yourselves, but there is none warm; and he that earneth wages earneth wages for a bag with holes.

World English Bible (WEB)
You have sown much, and bring in little. You eat, but you don't have enough. You drink, but you aren't filled with drink. You clothe yourselves, but no one is warm, and he who earns wages earns wages to put them into a bag with holes in it."

Young's Literal Translation (YLT)
Ye have sown much, and brought in little, To eat, and not to satiety, To drink, and not to drunkenness, To clothe, and none hath heat, And he who is hiring himself out, Is hiring himself for a bag pierced through.

put
to
it
זְרַעְתֶּ֨םzĕraʿtemzeh-ra-TEM
Ye
הַרְבֵּ֜הharbēhahr-BAY
sown
have
much,
וְהָבֵ֣אwĕhābēʾveh-ha-VAY
and
מְעָ֗טmĕʿāṭmeh-AT
in
bring
אָכ֤וֹלʾākôlah-HOLE
little;
eat,
ye

enough;
וְאֵיןwĕʾênveh-ANE
not
לְשָׂבְעָה֙lĕśobʿāhleh-sove-AH
have
ye
שָׁת֣וֹšātôsha-TOH
but
ye
drink,

ye
drink;
with
וְאֵיןwĕʾênveh-ANE
but
לְשָׁכְרָ֔הlĕšokrâleh-shoke-RA
are
not
לָב֖וֹשׁlābôšla-VOHSH
filled
ye
clothe

warm;
none
וְאֵיןwĕʾênveh-ANE
is
לְחֹ֣םlĕḥōmleh-HOME
there
but
you,
that
wages
ל֑וֹloh
earneth
he
וְהַ֨מִּשְׂתַּכֵּ֔רwĕhammiśtakkērveh-HA-mees-ta-KARE
and
earneth
wages
into
מִשְׂתַּכֵּ֖רmiśtakkērmees-ta-KARE
a
bag
אֶלʾelel
with
holes.
צְר֥וֹרṣĕrôrtseh-RORE
נָקֽוּב׃nāqûbna-KOOV

Cross Reference

Haggai 2:16
उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दास ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे।

Deuteronomy 28:38
तू खेत में बीज तो बहुत सा ले जाएगा, परन्तु उपज थोड़ी ही बटोरेगा; क्योंकि टिड्डियां उसे खा जाएंगी।

Hosea 4:10
वे खाएंगे तो सही, परन्तु तृप्त न होंगे, और वेश्यागमन तो करेंगे, परन्तु न बढ़ेंगे; क्योंकि उन्होंने यहोवा की ओर मन लगाना छोड़ दिया है॥

Hosea 8:7
वे वायु बोते हैं, और वे बवण्डर लवेंगे। उनके लिये कुछ खेत रहेगा नहीं न उनकी उपज से कुछ आटा होगा; और यदि हो भी तो परदेशी उसको खा डालेंगे।

Haggai 1:9
तुम ने बहुत उपज की आशा रखी, परन्तु देखो थेड़ी ही है; और जब तुम उसे घर ले आए, तब मैं ने उसको उड़ा दिया। सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, ऐसा क्यों हुआ? क्या इसलिये नहीं, कि मेरा भवन उजाड़ पड़ा है और तुम में से प्रत्येक अपने अपने घर को दौड़ा चला जाता है?

Malachi 3:9
तुम पर भारी शाप पड़ा है, क्योंकि तुम मुझे लूटते हो; वरन सारी जाति ऐसा करती है।

Zechariah 8:10
उन दिनों के पहिले, न तो मनुष्य की मजदूरी मिलती थी और न पशु का भाड़ा, वरन सताने वालों के कारण न तो आने वाले को चैन मिलता था और न जाने वाले को ; क्योंकि मैं सब मनुष्यों से एक दूसरे पर चढ़ाई कराता था।

Zechariah 5:4
सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, मैं उसको ऐसा चलाऊंगा कि वह चोर के घर में और मेरे नाम की झूठी शपथ खाने वाले के घर में घुस कर ठहरेगा, और उसको लकड़ी और पत्थरों समेत नाश कर देगा॥

Malachi 2:2
यदि तुम इसे न सुनो, और मन लगा कर मेरे नाम का आदर न करो, तो सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि मैं तुम को शाप दूंगा, और जो वस्तुएं मेरी आशीष से तुम्हें मिलीं हैं, उन पर मेरा शाप पड़ेगा, वरन तुम जो मन नहीं लगाते हो इस कारण मेरा शाप उन पर पड़ चुका है।

Micah 6:14
तू खाएगा, परन्तु तृप्त न होगा, तेरा पट जलता ही रहेगा; और तू अपनी सम्पत्ति ले कर चलेगा, परन्तु न बचा सकेगा, और जो कुछ तू बचा भी ले, उसको मैं तलवार चला कर लुटवा दूंगा।

Amos 4:6
मैं ने तुम्हारे सब नगरों में दांत की सफाई करा दी, और तुम्हारे सब स्थानों में रोटी की घटी की है, तौभी तुम मेरी ओर फिरकर न आए, यहोवा की यही वाणी है॥

Joel 1:10
खेती मारी गई, भूमि विलाप करती है; क्योंकि अन्न नाश हो गया, नया दाखमधु सूख गया, तेल भी सूख गया है॥

Ezekiel 4:16
फिर उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा; सो वहां के लोग तौल तोलकर और चिन्ता कर कर के रोटी खाया करेंगे; और माप मापकर और विस्मित हो हो कर पानी पिया करेंगे।

Leviticus 26:26
और जब मैं तुम्हारे लिये अन्न के आधार को दूर कर डालूंगा, तब दस स्त्रियां तुम्हारी रोटी एक ही तंदूर में पकाकर तौल तौलकर बांट देंगी; और तुम खाकर भी तृप्त न होगे॥

2 Samuel 21:1
दाऊद के दिनों में लगातार तीन बरस तक अकाल पड़ा; तो दाऊद ने यहोवा से प्रार्थना की। यहोवा ने कहा, यह शाऊल और उसके खूनी घराने के कारण हुआ, क्योंकि उसने गिबोनियों को मरवा डाला था।

1 Kings 17:12
उसने कहा, तेरे परमेश्वर यहोवा के जीवन की शपथ मेरे पास एक भी रोटी नहीं है केवल घड़े में मुट्ठी भर मैदा और कुप्पी में थोड़ा सा तेल है, और मैं दो एक लकड़ी बीनकर लिए जाती हूँ कि अपने और अपने बेटे के लिये उसे पकाऊं, और हम उसे खाएं, फिर मर जाएं।

Job 20:22
पूरी सम्पत्ति रहते भी वह सकेती में पड़ेगा; तब सब दु:खियों के हाथ उस पर उठेंगे।

Job 20:28
उसके घर की बढ़ती जाती रहेगी, वह उसके क्रोध के दिन बह जाएगी।

Psalm 107:34
वह फलवन्त भूमि को नोनी करता है, यह वहां के रहने वालों की दुष्टता के कारण होता है।

Isaiah 5:10
क्योंकि दस बीघे की दाख की बारी से एक ही बत दाखमधु मिलेगा, और होमेर भर के बीच से एक ही एपा अन्न उत्पन्न होगा॥

Jeremiah 14:4
देश में पानी न बरसने से भूमि में दरार पड़ गए हैं, इस कारण किसान लोग निराश हो कर सिर ढांप लेते हैं।

Jeremiah 44:18
परन्तु जब से हम ने स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाना और तपावन देना छोड़ दिया, तब से हम को सब वस्तुओं की घटी है; और हम तलवार और महंगी के द्वारा मिट चले हैं।

Leviticus 26:20
और तुम्हारा बल अकारथ गंवाया जाएगा, क्योंकि तुम्हारी भूमि अपनी उपज न उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने फल न देंगे।